Hindu Purohit Sangh
Country State City Category
शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान
पंजीयन
पुरोहित चर्चा क्षेत्र
हिन्दू धर्म
हिन्दू मन्दिर
हिन्दू वेद
हिन्दू शिशु नाम
हिन्दू पंचांग एवं पर्व
हिन्दू धार्मिक स्थल
पूजा सामग्री
पुरोहितों को नाम ,संस्था तथा कर्मकांड टाइप करकें ढूंढें
  
Loading ...

हिन्दू पुरोहित संघ


समाज मेंबदली परिस्थितियोंतथा पुरोहित वर्ग की असंगठित स्थिति को देखते हुये कुछ जागरूक व्यक्तियों द्वारा ‘‘ हिन्दू पुरोहित संघ ‘‘ की स्थापना मध्यप्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1973 के अंतर्गत की गई है । पुरोहित तथा पुजारी वर्ग हिन्दू धर्म और परम्पराओं के संरक्षक हैं तथा उनके प्रचार-प्रसार एवं सर्व सुलभ बनाने में प्रमुख भूमिका रखते हैं। हिन्दू धर्म आज विश्वव्यापी हो चुका है और जिज्ञासु लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। जनता की धर्म के प्रति जिज्ञासा को संतुष्ट करना धर्म गुरुओं और पुरोहितों के सामने एक चुनौती है। आज पुरोहित वर्ग के क्रियाकलापों का दायरा भी बढ़ गया है, क्योंकि समाज में अनेक परिवर्तन आ गए हैं। पुरोहित एवं पुजारी वर्ग हिन्दू समाज को एक तानेबाने में पिरोकर वैधानिकता प्रदान करने के अतिरिक्त समाज की आध्यात्मिक तथा धार्मिक आवश्यकता की भी पूर्ति करता हैं । लेकिन इतनी महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद हिन्दू समाज इस वर्ग को उचित स्थान नहीं दे पाया है। इसका एक कारण पुरोहित वर्ग का असंगठित स्वरूप है। समाज में भी अनेक परिवर्तन आए हैं, लोग विभिन्न शहरों और देशों में आवागमन करने लगे हैं । पुरोहित वर्ग से समाज अपेक्षा रखता है कि वे बहुआयामी प्रतिभा रखते हों। पुरोहितों से उनके कार्यक्षेत्र में प्रमुख अपेक्षाएं निम्नलिखित हैं ।

1. संस्कार व कर्मकाण्ड:- पूजा, संस्कार तथा पर्व से जुड़े सभी कर्मकाण्डों की व्यापक जानकारी रखते हों अर्थात वे घर व मंदिर में होने वाले सभी प्रकार के कर्मकाण्डों में महारत रखते हों उन्हें कर्म से जुड़े यम-नियम तथा शिक्षा, सुचिता और पवित्रता का भी ज्ञान हो।

2. आध्यात्मिक, नैतिक तथा धार्मिक शिक्षा :- आज सामान्य हिन्दूएवंगैर- हिन्दू बच्चोंमेंहिन्दूधर्म का शिक्षण भी उनकेजिम्मेआ रहा है। बच्चोंमें उन्हीं की भाषा तथा स्तर पर बात हो ऐसी विशेषज्ञता पुरोहितों से अपेक्षित है। वे मंदिरों, स्कूलों तथा चर्चों आदि संस्थाओं में भी ऐसे भाषण दे सकें जिसकी श्रोता प्रशंसा करें। वे अन्तर धर्म संवाद में हिन्दुओं का सही पक्ष रखने में सक्षम हों, धार्मिक एवं आध्यात्मिक विषय वस्तु में हिन्दू समुदाय के प्रतिनिधि बन सकें तथा नये पुरोहितों को प्रशिक्षण देने में सक्षम हों। अधिकाधिक गैर-हिन्दू आज सनातन धर्म के प्रति आकर्षित हो रहे हैं तो उनकी जिज्ञासा संतुष्टि हेतु हिन्दू दर्शन तथा जीवन पद्धति की एक व्यापक दृष्टी की आवश्यकता है। हिन्दू जीवन तथा कर्मकाण्ड एक व्यापक दर्शन के तानेबाने में पिरोए हैं, अतः इनकी समग्र समझ आवश्यक है।

3. आध्यात्मिक परामर्श :- गृहस्थों को धार्मिक मार्गदर्शन, सामाजिक मामलों में हिन्दू दृष्टिकोण प्रस्तुत करना, लोगों में ईश्वर के प्रति श्रद्धा जगाना तथा शोक में सान्त्वना का कार्य ।

उपरोक्त के अतिरिक्त पुरोहितों से संस्कृत के साथ अंग्रेजी तथा अन्य भारतीय भाषा के ज्ञान की अपेक्षा रहती है। हिन्दू समुदाय के सामने यह भी चुनौती है कि सार्वजनिक स्थानों जैसे मंदिरों के पुजारी ऐसे गुणी लोग हों कि धर्म में जनता की श्रद्धा बढ़े। हिन्दुओं के प्रमुख धर्मग्रन्थों जैसे वेद, उपनिशद, महाभारत, रामायण तथा भागवत गीता का ज्ञान रखते हों तथा ईश्वर की संकल्पना को सही तरह समझते हों।

इसके अतिरिक्त ज्योतिष ज्ञान, योग तथा ध्यान की जानकारी भी अपेक्षित रहती है। उनमेंभाषण की कला हो तथा विश्व केप्रमुख धर्मोंकेमुख्य पहलुओं का ज्ञान हो।

इसी तरह समाज से भी अनेक अपेक्षाएं हैं कि वे पुरोहित वर्ग की सांसारिक आवश्यकताओं की पूर्ति करें तथा सुनिश्चित करें कि उनमें सुचिता, करुणा, सहिष्णुता और सद्चरित्रता बनी रहे। पुरोहित वर्ग की समाज में प्रतिष्ठा बनी रहे यह परम आवश्यक है। हिन्दू समाज मुक्तहस्त से दान करे जिससे कि ऐसी संस्थाओं की स्थापना तथा संचालन हो सके जो उनकी क्षमताओं को बढ़ाने के कार्यों हेतु समर्पित हैं।

इन्ही सब पहलुओं को मध्यनजर रखकर यह संस्था बनाई गई है । संस्था के अन्य उद्देश्य इस प्रकार है ।

(अ) एक ओर जहाँ पुरोहित वर्ग के हितों तथा उनकी जीविका सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है वहीं खासकर विस्थापित लोगों को उनके क्षेत्र में पुरोहितों की उपलब्धि की जानकारी देना इस संस्था का एक उद्देश्य है। वर्तमान पुरोहितों के कार्यक्षेत्र को परिलक्षित करके हस्तक्षेप रहित तथा अधिक व्यापक करना भी एक लक्ष्य है।

(ब) विभिन्न देशों व शहरों के हिन्दू पुरोहितों के बीच वार्तालाप तथा संचार स्थापित करके पुरोहितों की रिक्तियों की जानकारी से वर्ग में व्याप्त बेरोजगारी को दूर करने का प्रयत्न करना।

(स) इसी प्रकार आवश्यक कर्मकाण्डों से विमुख हो रहे तपके को धर्म की महत्ता समझाकर हिन्दू समाज के तानेबाने से जोड़ना।

(द) पुरोहितों की शिक्षण हेतु हिन्दू समाज से वित्तीय सहयोग लेकर प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करना और उनके ज्ञान का स्तर तथा क्रियाकलापों का दायरा बढ़ानेका प्रयास करना।

(य) पुरोहित तंत्र को संस्था मेंपरिवर्तित करना एवंपुरोहित वर्ग धार्मिक नेतृत्व में भागीदार बनें तथा समाज में धर्म से जुड़े संशयों को दूर कर सकें और हिन्दू धर्म के अधिवक्ता बन सकें ऐसा प्रयास करना।

(र) सनातनी तथा आर्य समाजी पुरोहित, पुजारी तथा पंडितों को इस संस्था द्वारा स्थापित संघ में रजिस्टर करके संघ का हिस्सा बनाना, तथा बौद्ध भिक्षु, जैन मुनियों तथा सिख ग्रन्थियों के लिए भी संघ सदस्यता की पात्रता देना।

(ल) पुरोहित वर्ग के रजिस्ट्रेश न के बाद उन्हें योग्यता, अनुभव तथा विशेषज्ञता के आधार पर स्तरीकृत तथा वर्गीकृत करना।

(व) पुरोहित वर्ग तथा हिन्दू समाज का शैक्षणिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक हित हेतु कार्य करना। पुरोहित पेशे को जीवन यापन का साधन योग्य बनाने का प्रयास करना तथा महिला व गैर पराम्परिक तपके को इस व्यवसाय से जोड़ना ।

(श ) शैक्षणिक संस्थान स्थापित करना जो एक केन्द्रीकृत सूचना प्रसारण का कार्य करे और शिक्षण का केन्द्र बने। धर्म के पुरोधाओं के अधीन पुरोहितों की कड़ी स्थापित करना।

(श ) हिन्दू धर्म के क्षेत्र में राष्ट्रीय व अंतर-राष्ट्रीय सम्मेलन, प्रकाशन, मुद्रण का कार्य करना तथा मीडिया का प्रयोग करना।

(य) धन, जमीन, उपकरण, परिसंरचना, दान, अनुदान, सहायता प्राप्त करना तथा दिए गए उद्देश्यों में उसका उपयोग करना।

(र) देश के विभिन्न भागों में तथा विश्व के विभिन्न देशों में शाखाऐं स्थापित करके संस्था की पहुँच बढ़ाना तथा देश और विदेशों में अन्य संस्थाओं के साथ सहयोग से लक्ष्यों को प्राप्त करना।

(ल) कोई भी वैधानिक कार्य जो संस्था केउन्नयन व संचालन हेतुजरुरी हो, हाथ मेंलेना।

  शास्रार्थ एवं चर्चा
=======================

• यहाँ ईश्वर को ब्रह्म (ब्रह्मा नहीं) कहा गया है

• दुर्गा पूजा-पाठ की विधि Procedure of Durga Puja

• Purohit to please note पुरोहित कृपया ध्यान दें

• What is salutation?अभिवादन क्या हो

• Purohit can play great role पुरोहित महान भूमिका निभा सकते हैं

• पुरोहिताई एक दैवीय वृत्ति है । Hindu Priestly profession is a divine calling

• भारत में खेलो के प्रोत्साहन हेतु पुरोहिती दृष्टि Sports from Hindu the view point of Priests

• Om Shanti, Sadgati Mile, सद्गति मिले , मोक्ष शांति, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे, या ओम शांति--Not Rest in Peace (RIP)

• गुरू की संकल्पना Concept of Guru

• Hindoos are most serenely and thoughtfully religious हिन्दू धर्म हिब्रुओं की तुलना में अत्यन्त निर्मल एवं भव्य दर्शन

• पाखंडी गुरूओं के कारण मुर्झाई पुरोहिती व्यवस्था Just Surrender to Iswara

• चौराहे पर हिन्दू समाज: हिन्दु पुनर्जागरण का एक घोषणा पत्र (फोंट संबंधित त्रुटियों को अनदेखा करें)

• हिन्दू पुरोहित संघ- मिशन क्षेत्र The Mission Areas of Hindu Purohit Sangh

• HINDU SOCIETY AT CROSS-ROADS: Evolving a Manifesto for Hindu Renaissance. ( MUST READ)

• Sanskriti Classesसंस्कृति कक्षायें

• he Philosophy and Significance of Idol-Worship in Hinduism - Swami

• Difference between Hindic and other religions हिंदवी और अन्य धर्म के बीच अंतर

• Sharira madhyam khalu dharma sadhanam. शरीरमाघं खलुधर्म साधनम

• पुत्रि -पुत्रवति भव: Putri-Putravati bhavah

• व्रत और उपवास ( Fasting among Hindus)

• पुरोहित समाज कल-आज और कल

• Institutionalized congregations in Hindu society धर्म में सभाओं का अभाव

• An Inclusive Dharma

• Hindus need the type of priests

• Sai Baba - Man or God

• पूजा विधि क्या होनी चाहिए ? The method of Worship generally adopted by Hindus.

मंदिर या किसी पूजा में पुरोहित किसी से जाति न पूछें टेम्पल प्रीस्ट्स are requested not ask for caste of any individual

Temple & Endowments Social Responsibility Act

शंकरचार्यों का काम न्यायालय को करना पड़ा -Women Can Now Enter All Parts Of All Temples In Maharashtra

Prohits to Please Note कृपया सभी पुरोहित ध्यान दें

कन्या भ्रूण हत्या रोकने में पुरोहित Abortion of girl child is sinful

पुरोहित को स्वेत वस्त्र White cloths for hindu Priests

तीर्थ पर्यटन

पुरोहिती का निःशुल्क निर्वाह

सद्गुरु जग्गी ने कहा Satguru Jaggi says

अनादिकाल से सूर्य 'ॐ' का जाप कर रहा है (सुरक्षित गोस्वामी)

महाराष्ट्र में गोहत्या पर लगा बैन, 5 साल की सजा और 10,000 जुर्माना!

मंदिर में नहीं घुसने दिया तो मुस्लिम बना दलित, कहा- ऐसे धर्म का क्‍या फायदा

अमेरिकी सेना में हिन्दू महिला एवं पुरुष पुरोहित कों मिलेगा ऊँ का बैज

'घर वापसी '

पश्चिमी गोलार्ध के "नाथद्वारा" Nathdwara" of the western hemisphere

तीर्थ पुरोहितों की एकजुटता एवं तीर्थ सुधार में प्रयासरत ‘तीर्थ पुरोहित महासंघ’

पुरोहित संघ में रजिस्टर करें . Please help purohits to register in following site.

चर्च ऑफ इंग्लैंड ने साफ किया पहली महिला बिशप का रास्ता - (Church of England formally approves plans for women bishops)

पुरोहितों-पुजारियों 800 रुपये प्रतिमाह पेंशन, Rupees 800 per month to priests in Uttarakhand

वेदों के अनुसार संध्या उपासना प्रति दिन करनी चाहिए।

वैदिक धर्म की जय हो Victory to Vedic religion

महिला पुरोहितों की अपार सफलता Sucess of female priests

यदि आपकी संस्था में पुरोहितों के लिए रोजगार के अवसर हों तो आप आपना एवं रोजगार का विवरण भरें
Copyright © Hindupurohitsangh.in      Privacy Policy   User Agreement