Hindu Purohit Sangh
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Purohit to please note पुरोहित कृपया ध्यान दें


विवरण

The unique thing about Purohiti system is that the purohit has access to the homes of people. This can transform our society provided we broad base the entry level , improve the capabilities of priests,and make the profession a complete means of sustenance.The Hindus have to realise that only a structured and reformed priestly class can help in inculcating the values and keep the fabric of Hindu society intact. The priestly class can function as a nervous system of Hindu society. This can be used as a powerful means for upliftment.Prohits to Please Note--- Some versions of the Gurud Purana (pretkhand )recited during last rites contain references to promote Sati system and references derogatory to shudras. These references have no Vedic sanctions. There is not a single reference in Vedas on Sati and superiority and inferiority by birth of Varnas.They are added during 18th century by sone selfish and Vidharmis. Please do not read , recite them during rituals. Please delete them from your books. Hindu Purohit Sangh is coming with an authentic version soon in all Indian languages.कृपया सभी पुरोहित ध्यान दें - गरुड़ पुराण के कुछ संस्करणों में सती तथा जाति सूचक सन्दर्भ आये हैं गरुण पुराण में आज अनेक संस्करण उपलब्ध हैं जिसमें श्लोकों की संख्या व अध्याय संख्या भी विविध हैं।वैदिक साहित्य में सती होने के विषय में न तो कोई मंत्र मिलता है और न कोई निर्देश है। इसी तरह समाज में ऊंच-नीच की व्यवस्था भी वैदिक समय में नहीं रही बाद के काल में भी यह धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक विषय रहा है। यह बात अनेकों पुराणों में आई है कि इतिहास व पुराणों को वेदों के बताए रास्ते से भटना नहीं चाहिए। अतः जहां भी यह भटकाव आया है व स्वार्थी व लाभी तत्त्वों की हरकत समझं।अपनी गरुड़ पुराण की पुस्तक से इन आपत्तिसूचक सन्दर्भों को हटा दें तथा इनका वाचन कदापि न करें. इस बात को सभी पुरोहितों तक पहुचाएं.

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